किसने जहर देकर मारा था लाल बहादुर शास्त्री जी को ! सच्चाई आई सामने

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कोई भी व्यक्ति जो इस अंग्रेजो के बनाए हुए सिस्टम में आएगा या तो वह सिस्टम में लूट करेगा नही तो यह सिस्टम उसे निकाल के बहार फेंक देगा क्युकी यह सिस्टम लूट को ही पसंद करता है और कुछ पसंद नही है इस सिस्टम को ! आप जानते है ? इस अंग्रेजो के बनाये व्यवस्था तन्त्र में भारत के कई इमानदार लोग गये और सिस्टम ने उसे बहार फेंक दिया क्योंकि वो लूट पसंद नही थे. सिस्टम ने फेंक दिया उनको बाहर ! नही चलने दिया ! दो नाम तो आपके सामने है एक थे श्री लाल बहादुर शास्त्री और दुसरे थे श्री मुरार जी देसाई ! दोनों ऐसे प्रधानमंत्री थे जिनकी ईमानदारी की कसम खायी जा सकती है शास्त्री जी जब प्रधानमंत्री बने थे ना धोती फटी हुई थी उनकी ! जब उन्होंने शपथ ग्रहण की थी फटी हुई धोती में शपथ ग्रहण की थी और बाद में पता चला कि उनके पास दो ही धोतियाँ थी और दो ही कुर्ते थे जब वो प्रधानमंत्री बने थे तो उनकी धर्म पत्नी ने कहा था अब तो नयी धोती लेलो ! तो उनका यह कहना था की करोड़ो भारत के किसान ऐसी धोती पहनते रहते है मुझे नयी धोती पहनने का अधिकार नही है !!




जब ऐसे ईमानदार प्रधानमंत्री सिस्टम में घुसे तो सिस्टम ने उनको बर्दास्त नही किया ! निकल के फेंक दिया ! मार डाला ! हत्या कर दी उनकी ! अब तक सारी दुनिया को ये बताया गया की शास्त्री जी की मृत्यु हृदयघात से हुई थी और राजीव भाई बीस सालो से चिल्ला रहे थे कि ये मर्डर है. आप उनकी पुरानी केसेट सुन ले तो आपको पता चलेगा की वो मरे नही थे हत्या की गई थी उनकी ! मर्डर था ! क्युकी वो तासकंद में गये पाकिस्तान से समझोता करने के लिए तो शाम तक वो स्वस्थ थे और रात को अचानक मर गये तो भारत में जब रिपोर्ट रिलीज हुई थी तो उसमे कहा गया की उनको हार्ट अटैक हुआ ! हार्ट अटैक उनको हो नही सकता क्युकी बीपी उनका नार्मल था, बाकि भी बहुत सी चीजे उनकी नार्मल थी. उनके रसोइये का अपहरण करके उसकी जगह दूसरा रसोइया भेजा गया और उसने उनके दूध में जहर दे दिया था. ये सब सरकार के रिकॉर्ड में है लेकिन इसका बहार लेकर आए तो बहुत से लोगो के नकाब उतर जायेंगे

लाल बहादुर शास्त्री जैसा आम आदमी कोई नहीं हो सकता !! दो घंटे युद्ध और चलता ! भारत की सेना ने लाहोर तक कब्जा कर लिया होता !! लेकिन तभी पाकिस्तान को लगा कि जिस रफ्तार से भारत की सेना आगे बढ़ रही हमारा तो पूरा अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा ! तभी पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि वो किसी तरह से युद्ध रुकवा दे !! अमेरिका जानता था कि शास्त्री जी इतनी जल्दी नहीं मानने वाले !! क्यूँ कि वो पहले भी दो -तीन बार भारत को धमका चुका था !!

अमेरिका से गेहूं आता था भारत के लिए PL 48 स्कीम के अंडर ! ! PL मतलब public law 48 ! जैसे भारत मे सविधान मे धराए होती है ऐसे अमेरिका मे PL होता है ! तो बिलकुल लाल रंग का सड़ा हुआ गेंहू अमेरिका से भारत मे आता था ! और ये समझोता पंडित नेहरू ने किया था !!

जिस गेंहू को अमेरिका मे जानवर भी नहीं खाते थे उसे भारत के लोगो के लिए आयात करवाया जाता था ! आपके घर मे कोई बुजुर्ग हो आप उनसे पूछ सकते हैं कितना घटिया गेहूं होता था वो !!

तो अमेरिका ने भारत को धमकी दी कि हम भारत को गेहूं देना बंद कर देंगे ! तो शास्त्री जी ने कहा हाँ कर दो ! फिर कुछ दिन बाद अमेरिका का ब्यान आया कि अगर भारत को हमने गेंहू देना बंद कर दिया ! तो भारत के लोग भूखे मर जाएँगे !!

शास्त्री जी ने कहा हम बिना गेंहू के भूखे मारे या बहुत अधिक खा के मरे ! तुम्हें क्या तकलीफ है !???
हमे भूखे मारना पसंद होगा बेशर्ते तुम्हारे देश का सड़ा हुआ गेंहू खाके !! एक तो हम पैसे भी पूरे दे ऊपर से सड़ा हुआ गेहूं खाये ! नहीं चाहीये तुम्हारा गेंहू !!

फिर शास्त्री ने दिल्ली मे एक रामलीला मैदान मे लाखो लोगो से निवेदन किया कि एक तरफ पाकिस्तान से युद्ध चल रहा है ! ऐसे हालातो मे देश को पैसे कि बहुत जरूरत पड़ती है ! सब लोग अपने फालतू खर्चे बंद करे ! ताकि वो domestic saving से देश के काम आए ! या आप सीधे सेना के लिए दान दे ! और हर व्यति सप्ताह से एक दिन सोमवार का वर्त जरूर रखे !!

तो शास्त्री जी के कहने पर देश के लाखो लोगो ने सोमवार को व्रत रखना शुरू कर दिया ! हुआ ये कि हमारे देश मे ही गेहु बढ्ने लगा ! और शास्त्री जी भी खुद सोमवार का व्रत रखा रखते थे !!

शास्त्री जी ने जो लोगो से कहा पहले उसका पालन खुद किया ! उनके घर मे बाई आती थी !! जो साफ सफाई और कपड़े धोती थी ! तो शास्त्री जी उसको हटा दिया और बोला ! देश हित के लिए मैं इतना खर्चा नहीं कर सकता ! मैं खुद ही घर कि सारी सफाई करूंगा !क्यूंकि पत्नी ललिता देवी बीमार रहा करती थी !
और शास्त्री अपने कपड़े भी खुद धोते थे ! उनके पास सिर्फ दो जोड़ी धोती कुरता ही थी !!




उनके घर मे एक ट्यूटर भी आया करता था जो उनके बच्चो को अँग्रेजी पढ़ाया करता था ! तो शास्त्री जी ने उसे भी हटा दिया ! तो उसने शास्त्री जी ने कहा कि आपका अँग्रेजी मे फेल हो जाएगा ! तब शास्त्री जी ने कहा होने दो ! देश के हजारो बच्चे अँग्रेजी मे ही फेल होते है तो इसी भी होने दो ! अगर अंग्रेज़ हिन्दी मे फेल हो सकते है तो भारतीय अँग्रेजी मे फेल हो सकते हैं ! ये तो स्व्भविक है क्यूंकि अपनी भाषा ही नहीं है ये !!

एक दिन शास्त्री जी पत्नी ने कहा कि आपकी धोती फट गई है ! आप नहीं धोती ले आईये ! शास्त्री जी ने कहा बेहतर होगा ! कि सोई धागा लेकर तुम इसको सिल दो ! मैं नई धोती लाने की कल्पना भी नहीं कर सकता ! मैंने सब कुछ छोड़ दिया है पगार लेना भी बंद कर दिया है !! और जितना हो सके कम से कम खर्चे मे घर का खर्च चलाओ !!

अंत मे शास्त्री जी युद्ध के बाद समझोता करने ताशकंद गए ! और फिर जिंदा कभी वापिस नहीं लौट पाये !! पूरे देश को बताया गया की उनकी मृत्यु हो गई ! जब कि उनकी ह्त्या कि गई थी !!

भारत मे शास्त्री जी जैसा सिर्फ एक मात्र प्रधानमंत्री हुआ ! जिसने अपना पूरा जीवन आम आदमी की तरह व्तीत किया ! और पूरी ईमानदारी से देश के लिए अपना फर्ज अदा किया !!

जिसने जय जवान और जय किसान का नारा दिया !!

क्यूंकि उनका मानना था देश के लिए अनाज पैदा करने वाला किसान और सीमा कि रक्षा करने वाला जवान बहुत दोनों देश ले लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है !!

स्वदेशी की राह पर उन्होने देश को आगे बढ़ाया ! जब तक वे प्रधानमंत्री रहे एक भी विदेशी कंपनी को देश मे घुसने नहीं दिया ! उनका कहना था एक ईस्ट इंडिया कंपनी के कारण भारत को 250 साल की गुलामी जेहलनी पड़ी थी ! जिसके किए कितने क्रांतिकारियों ने फांसी खाई ! दुबारा विदेशी कंपनियो को बुलाकर देश की आजादी के साथ कोई समझोता नहीं किया जा सकता !

अमेरिका का सड़ा गेंहू भी बंद करवाया !!

ऐसा प्रधानमंत्री भारत को शायद ही कभी मिले ! अंत मे जब उनकी paas book चेक की गई तो सिर्फ 365 रुपए 35 पैसे थे उनके बैंक आकौंट मे ! !

शायद आज कल्पना भी नहीं कर सकते ऐसा नेता भारत मे हुआ !!




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