35A और धारा 370 पर मोदी के प्लान से दहशत में पूरा कश्मीर,नहीं सो पा रहे कश्मीरी लाल चौक पर इसी की चर्चा !

आर्टिकल 35 A पर बीजेपी के कड़े रुख से दहशत में कश्मीरी नागरिक तो क्या बीजेपी के ‘मॉडल’ का हर हाल में विरोध करेंगे कश्मीरी? मोदी ने कश्मीर की नब्ज पकड ली है जिससे आज कश्मीर में सिर्फ इसी की चर्चा है !

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर के सबसे प्रमुख बाजार लाल चौक के कारोबारी इस वक्त दहशत में हैं. वो घाटी में कयामत को आते हुए देखने की बात करते हैं. ये कारोबारी सुप्रीम कोर्ट के संविधान की धारा 35A को खत्म करने की आशंका से डरे हुए हैं. इनका मानना है कि अगर देश की सबसे बड़ी अदालत ने संविधान की इस धारा को खत्म किया, तो प्रलय ही आ जाएगा.



बीजेपी ने धारा 370 से पहले 35A को खत्म करने के लिए अपनी कमर कस ली है जिससे पूरा कश्मीर इस समय दहशत में है उनका मानना है अगर 35A खत्म हुई तो दुरे राज्य के लोग यहाँ जमीं लेकर बस जाएंगे और हम पर राज करेंगे जैसे इजराइल करता है.

कश्मीर लोगों ने अभी से एक आवाज में कश्मीर में आर्टिकल 35A हटाने के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है और बीजेपी को सीधी चेतावनी दे डाली है अगर ऐसा हुआ तो हर तरफ आगजनी होगी,लेकिन ये देशद्रोही भूल रहे हैं सेना भी है और पुलिस भी है जो खुद तुम लोगों की अक्ल ठिकाने लेकर आएगी.

कांग्रेस सहित दुसरे नेताओं को आज नींद नहीं आने वाली बीजेपी अपने राष्ट्रवादी मुद्दे पर कई कदम आगे बढ़ चुकी है धारा 370 से पहले बीजेपी ने आर्टिकल 35A पर अपना डंडा चलाने का काम शुरू कर दिया है लेकिन उससे पहले धारा 370 का मुद्दा अब जा पहुंचा है कोर्ट !



सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में लगे आर्टिकल 370 पर दायर की गई एक याचिका स्वीकार कर ली है. इसमें आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को दिए जा रहे स्पेशल ग्रांट को चैलेंज किया गया है.इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर नोटिस जारी किया है.साथ ही याचिका में ये भी मांग की गई है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई जाए और वहां लागू अलग संविधान को भी अघोषित किया जाए.

अब मामला कोर्ट में है और कोई बीजेपी पर ऊँगली नहीं कर सकता बीजेपी कोर्ट में खुलकर धारा 370 के खिलाफ अपनी रिपोर्ट देने वाली है तभी तो कश्मीर के नेताओं में अभी से हाहाकार मचा हुआ है.कश्मीर के आर्टिकल 370 पर भी अब SC सुनवाई करेगा. BJP का पूरा एजेंडा सर्वोच्च अदालत में है. तीन-तलाक़ और अयोध्या के बाद अब 370.राष्ट्रवादियों के लिए ये बड़ी जीत है.

जानिए धारा 370 क्या है निचे दी गयी तस्वीर में लिखे हैं वो 10 पॉइंट जो धारा 370 को समझाते हैं !

बीजेपी ने जब पीडीपी के साथ जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई थी तो लोगों के साथ विपक्ष ने इस पर ऊँगली उठाई थी लेकिन जो लोग समझदार थे वो जानते थे मोदी का ये फैसला आगे जाकर क्या गुल खिलाने वाला है और अभी दो दिन पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की तिलमिलाहट सबने देख ही ली है !

जैसे-जैसे राज्यों और राज्यसभा में भाजपा का प्रभाव बढ़ रहा है बैसे ही भाजपा अपने राष्ट्रवादी एजेंडे को आगे बढाती जा रही है.अब जम्मू & कश्मीर से धारा 370 को हटाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. इसके लिए सबसे पहले इसके अनुच्छेद 35(A) को बदलने की तैयारी हो रही है जो समस्या की मुख्य बजह है.बड़े तरीके से सारी गेम चली हुई है इस समय कश्मीर में एक गैर सरकारी संगठन से किस तरह इस अनुच्छेद 35(A) के खिलाफ याचिका दर्ज करवाई गयी और अब किस तरह मोदी सरकार इस पर जवाब देगी,बहुत कुछ दिखने वाला है आगे.



बीजेपी ने अब अपना सारा ध्यान संविधान के आर्टिकल 35 (ए) पर लगा दिया है.ये आर्टिकल राज्य विधानसभा को ‘स्थायी निवासियों’ को परिभाषित करने और उन्हें विशेष अधिकार देने की शक्ति प्रदान करता है. यह न केवल कश्मीर के नागरिकों को अलग पहचान देने की कोशिश है, बल्कि इससे कश्मीर और बाकी भारत के बीच राजनीतिक दरार चौड़ी हो रही है.

केंद्र के इस कदम से तिलमिलाई हुई महबूबा ने कहा है कि- यहां की लडाई हमने लडी है हमारे लोग मारे गये हैं, हुरियत ने भी लडी है उनके लोग और हमारे लोग भी मारे गये हैं. अगर हमारे अधिकारों को खतम करने की कोशिश की गई, तो मै ये कहना चाहती हूं कि – तिरंगा झंडा उठाने के लिये 4 कन्धे भी नही मिलेंगे.

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि जो हम बता रहे हैं आपको वो मीडिया कभी नहीं बताने वाली मुख्यमंत्री महबूबा का यह बयान यह बताने के लिए पर्याप्त है कि – कार्यवाही किस हद तक चल रही है. महबूबा की स्थिति इस समय सांप छछुंदर वाली हो गई है. भाजपा के साथ गठबंधन करने के कारण उनकी बात को मानना मजबूरी है और अगर नहीं मानते हैं तो उनकी सरकार जायेगी और कुछ भी नहीं कर पाएंगी.

बीजेपी और आरएसएस का शुरू से ही राष्ट्रवादी मुद्दा रहा है धारा 370 हटाने का लेकिन बाकि सब पार्टियाँ इस हटाने के खिलाफ हैं क्योंकि उन्हें देश प्रेम नहीं है



आपको बता दें जिस दिन बीजेपी अर्तिक्ल 35A में बदलाव करवाने में कामयाब रही उस दिन धारा 370 पर बीजेपी का सीधा बार होगा बीजेपी के इन इरादों का पता चल चूका है पुरे कश्मीर वाशियों को लेकिन अब उनके पाले से गेम निकल चुकी है.

अगर अब महबूबा मुफ़्ती खुलकर इसका विरोध करती है तो सरकार गिरना तय है जबकि सरकार गिरने की स्थिति में जम्मू & कश्मीर में राष्ट्रध्यक्ष शासन लगाकर केंद्र का वहां पर पूरी तरह से नियंत्रण हो जाएगा. उस समय भाजपा को अपना एजेंडा लागू करने से कोई रोक भी नहीं पायेगा. भाजपा केवल इतना चाहती है कि – गठबंधन तोड़ने का इल्जाम उसपर नहीं बल्कि पीडीपी पर आये.

गुजरात, उड़ीसा, हिमाचल, कर्नाटक चुनाव के सकारात्मक चुनाव परिणाम आने के बाद कश्मीर में और तेजी आयेगी. तब तक केंद्र अपनी तैयारी कर रहा है. महबुबा की छटपटाहट से तो यही पता चलता है कि – उनको भी समझ आने लगा है कि -अब क्या होने वाला है !

 


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