18 लाख खातों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करेगा इनकम टैक्स विभाग

नई दिल्ली-सरकार ने कहा कि उसने ऐसे 18 लाख लोगों की पहचान कर ली है, जिन्हें नोटबंदी का सरकारी फरमान जारी होने के बाद के सप्ताहों में किए गए बड़े कैश लेनदेन के स्रोत की जानकारी देनी होगी। यह कदम इनकम टैक्स विभाग के ऑपरेशन क्लीन मनी/स्वच्छ धन अभियान कार्यक्रम के तहत उठाया जाएगा।




टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे 18 लाख लोगों को इस आधार पर अलग से चिह्नित किया है कि इनके ट्रांजैक्शंस उनके टैक्स प्रोफाइल के मामलों से मेल नहीं खा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों को जोखिम के स्वीकृत मानक के आधार पर वेरिफिकेशन के लिए चुना जा रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इन ट्रांजैक्शंस के ऑनलाइन वेरिफिकेशन की व्यवस्था की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को टैक्स अधिकारियों के हाथों किसी तरह की प्रताड़ना न झेलनी पड़े।

हर पैन कार्डधारक इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए अपने ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी देख सकेगा। ईटी ने इस बारे में 2 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसी सूचना को ऑनलाइन रखने का प्लान बनाया है।




रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने मंगलवार को कहा, ‘ऑपरेशन क्लीन मनी/स्वच्छ धन अभियान एक प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल सभी डिपॉजिट्स के बारे में जवाब हासिल करने में किया जाएगा और लोगों से शुरुआती जवाब मिलने के बाद ही जरूरी हुआ तो हम उन लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करेंगे।’

इसके अलावा ऐसे लोगों को मेसेज और ईमेल के जरिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सूचना भी देगा और उन लोगों को अपना जवाब इनकम टैक्स की वेवसाइट https://incometaxindiaefiling.gov.in पोर्टल पर 10 दिनों के भीतर ऑनलाइन देना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें टैक्स नोटिस जारी किए जाएंगे और एन्फोर्समेंट संबंधी कार्रवाई होगी।




सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा, ‘लोगों को अपने ट्रांजैक्शंस के बारे में सही जानकारी देनी चाहिए और बकाया टैक्स चुका देना चाहिए।’ शुरुआती चरण में डिपार्टमेंट ऐसे लोगों के बारे में जानकारी सामने रखेगा, जिन्होंने 5 लाख रुपये या इससे ज्यादा की रकम जमा की होगी या जिन्होंने 3 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक के संदिग्ध ट्रांजैक्शंस किए होंगे और टैक्स नियमों के पालन में गड़बड़ी की होगी। ऐसे लोगों को उन मामलों में सेलेक्ट किया गया है, जिनमें जमा की गई रकम डिपार्टमेंट के पास मौजूद टैक्स प्रोफाइल से मैच नहीं कर रही है।

चंद्रा ने बताया कि सात सप्ताहों के लिए खुली डिपॉजिट विंडो के दौरान एक करोड़ से ज्यादा खातों में 2 लाख रुपये से ज्यादा रकम कैश जमा की गई थी और इन खातों के साथ 70 लाख से ज्यादा पैन अटैच्ड हैं।

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