जिसके दम पर यूपी जीतने जा रहे थे – उसने थाम लिया मोदी का हाथ, अब क्या करेंगे अखिलेश

महेंद्र अरिदमन सिंह

लखनऊ समाजवादी पार्टी में चल रहे घमासान में अब यूपी के सीएम अखिलेश यादव का अब नुकसान होने लगा है। बीते दिनों कई नेताओं ने पिता-पुत्र की लड़ाई के चलते पार्टी छोड़ दी थी और अब एक बड़े नेता आगरा जिले की बाह सीट से विधायक ‘बाह के राजा’ महेंद्र अरिदमन सिंह ने अपनी पत्नी के साथ अखिलेश का हाथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है। महेंद्र ने अखिलेश यादव को एसपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन किया और चुनाव आयोग में इसे लेकर हलफनामा भी जमा कराया था।



महेंद्र अरिदमन सिंह की पत्नी भी बीजेपी में शामिल

अरिदमन की पत्नी पक्षलिका सिंह भी आगरा की ही खैरागढ़ सीट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार थीं। दोनों की बीजेपी में एंट्री प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर की मौजूदगी में हुई। बीजेपी के सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि महेंद्र अरिदमन की पिछले कई महीनों से बीजेपी से बात चल रही थी, पर बात फाइनल नहीं हो पा रही थी। इस बीच उन्होंने अखिलेश को अपना समर्थन भी दे दिया।




महेंद्र अरिदमन सिंह भदावर राजपरिवार से हैं। आज भी उन्‍हें राजा साहब, महाराज, राजा भदावर कहलाने का शौक है। नाम के आगे बिना राजा शब्‍द लगाए बोलना उनके सामने गुस्‍ताखी मानी जाती है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान आगरा के नौ सीटों से वह एकमात्र समाजवादी पार्टी के विधायक थे, जिन्‍होंने जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्‍हें अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। तीन साल तक मंत्री रहने के बाद उनसे परिवहन विभाग छीन लिया गया था और स्‍टांप व पंजियन विभाग दिया गया। सालभर पहले अखिलेश यादव ने अपने मंत्रि‍मंडल से उन्‍हें बर्खास्‍त कर दिया गया था। इसके बाद उन्‍होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की, लेकिन मंत्रीपद नहीं मिल सका।

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